Хинди Медицина
06.07.2026 Читать источник
В Бихаре во время подготовки к набору в армию от сердечного приступа скончался юноша
В городе Гопалганж 20-летний Ранджит Кумар умер от внезапного сердечного приступа во время пробежки, которую он совершал для подготовки к поступлению в армию. Врачи констатировали смерть на месте, отметив, что своевременное проведение реанимационных мероприятий могло бы спасти жизнь молодого человека.
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Gopalganj News: गोपालगंज में आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे युवक की मौत हो गई। वो तैयारी के लिए दौड़ लगा रहा था, इसी बीच वो अचानक बेहोश हो गया। उसकी मौत ने घर में मातम तो फैलाया ही, सारी उम्मीदें भी तोड़ दीं।
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक की दौड़ लगाने के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना नगर थाना क्षेत्र स्थित तिलंगही मैदान की है। मृतक की पहचान बसडीला नवका टोला निवासी जयप्रकाश प्रसाद के इकलौते पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
सेना भर्ती की तैयारी के दौरान आया हार्ट अटैक
परिजनों के अनुसार, रंजीत कुमार पिछले कई महीनों से सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह रोज की तरह सोमवार सुबह तिलंगही मैदान में दौड़ लगाने पहुंचा था। बताया गया कि तीन राउंड दौड़ पूरी करने के बाद उसे अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। इसके कुछ ही क्षण बाद वह मैदान में गिरकर बेहोश हो गया। साथ में दौड़ रहे अन्य युवकों ने तत्काल उसे उठाकर गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पहली नजर में कार्डियक अरेस्ट का केस: डॉक्टर
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला कार्डियक अरेस्ट का प्रतीत होता है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि घटना के तुरंत बाद सही तरीके से सीपीआर दिया जाता तो उसकी जान बचने की संभावना हो सकती थी। चिकित्सकों ने कहा कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर सीपीआर मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
प्रथम दृष्टया मामला कार्डियक अरेस्ट का प्रतीत होता है। यदि घटना के तुरंत बाद सही तरीके से सीपीआर दिया जाता तो उसकी जान बचने की संभावना हो सकती थी।
डॉक्टर
घरवालों की उम्मीद था रंजीत
गोपालगंज में परिजनों ने बताया कि रंजीत अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र था और सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। उसके पिता जयप्रकाश प्रसाद गोपालगंज की बड़ी बाजार में छोटामोटा काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। रंजीत परिवार का इकलौता पुत्र था, जिसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन सदर अस्पताल पहुंच गए। युवक की मौत से इलाके में शोक का माहौल है। चिकित्सकों ने युवाओं से कठिन शारीरिक अभ्यास के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की है। इनपुट: आईएएनएस
लेखक के बारे मेंऋषिकेश नारायण सिंहऋषिकेश नारायण सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बिहार-झारखंड के असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 20 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। ऋषिकेश नारायण सिंह ने अप्रैल 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 5 साल में बिहार और झारखंड की हर विधा की खबरों का कवरेज किया है। ऋषिकेश नारायण सिंह बिहार के वो पहले पत्रकार थे, जिन्होंने नीतीश कुमार के पाला बदलकर महागठबंधन में जाने (अगस्त 2022) और फिर 2024 में गठबंधन बदलकर एनडीए में जाने के घटनाक्रम से एक महीने पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बता दिया था। नीतीश कुमार के गठबंधन बदलने की खबर राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले ऋषिकेश नारायण सिंह ने ही एक हीने पहले ही ब्रेक कर दी थी। इसके अलावा उन्होंने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन बिहार-झारखंड में उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी बनाने, झारखंड में चंपाई सोरेन के पाला बदलने की खबर पहले ही ब्रेक कर दी थी। ऋषिकेश डेस्क के अलावा अपनी धारदार और एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग के लिए भी जाने जाते हैं। बिहार से लेकर झारखंड की राजनीति, अपराध से लेकर सरकारी योजनाओं की खबर ऋषिकेश नारायण सिंह न सिर्फ पहले ब्रेक करते हैं, बल्कि उससे होने वाले असर तक की व्यापक कवरेज करते हैं।
पत्रकारिता अनुभव: अखबार, टीवी और डिजिटल मीडिया में 20 साल से कार्यरत
ऋषिकेश नारायण सिंह ने साल 2005 में तमिलनाडु से अपनी पत्रकारिता का सफर शुरु किया था। 2005 की दिसंबर में वो अधिकारी ब्रदर्स के न्यूज प्रोजेक्ट जनमत टेलीविजन में रिपोर्टर बनाए गए। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में फर्जी गुप्त रोग विशेषज्ञों पर स्टिंग ऑपरेशन (कैसे हों जवान, जब डॉक्टर बेईमान) किया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस स्टिंग में रंगे हाथ पकड़े गए फर्जी गुप्त रोग विशेषज्ञों के अस्पतालों पर बड़ी छापेमारी की। इसके बाद उन्होंने 2006 की जनवरी से निठारी की कवरेज शुरू की और 2007 में उसे अंजाम तक पहुंचाया। इस दौरान उन्हें काफी मुश्किलें भी पेश आईं लेकिन वो बगैर रुके निठारी में मारे गए मासूम बच्चों के घरवालों के साथ खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2008 में आईबीएन 7 (अब न्यूज 18 इंडिया) में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर जॉइन किया। ऋषिकेश ने उस दौरान 'दोपहर धमाका' नामके एक्सक्लूसिव सेगमेंट को वीडियो एडिटर के साथ अकेले प्रोड्यूस किया। इस शो ने काफी वाहवाही बटोरी। इसी बीच ऋषिकेश को आईबीएन 7 में सुबह के सारे शो की रीब्रांडिंग सौंपी गई। ऋषिकेश ने टीम के साथ जुड़कर इस प्रोजेक्ट को 3 दिन के अंदर बखूबी अंजाम तक पहुंचाया। आईबीएन 7 में इस दौरान उन्हें दो बार बेस्ट प्रोड्यूसर (2011 और 2012) के अवॉर्ड के साथ आउट ऑफ टर्म प्रमोशन देते हुए प्रोड्यूसर बनाया गया। 2013 की सितंबर में ऋषिकेश अपनी जन्मभूमि पटना लौटे और ईटीवी बिहार (अब News18 बिहार) से बतौर असिस्टेंड एडिटर शुरुआत की। ऋषिकेश ने इस दौरान बिहार भर के 120 से ज्यादा रिपोर्टर, स्ट्रिंगरों को लीड किया। ऋषिकेश ने इसी दौरान 2013 में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में गांधी मैदान में हुए बम ब्लास्ट की धमाकों के बीच कवरेज की। अपनी क्षमता और काबिलियत के बल पर ऋषिकेश नारायण सिंह को 2015 में एक साथ डबल प्रमोशन मिला और वो सीधे न्यूज एडिटर असाइनमेंट बना दिए गए। इसके बाद 2020 में उन्हें नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बिहार-झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्पेशल कवरेज
2005 से 2007- निठारी कांड की स्पेशल और एक्सक्लूसिव कवरेज
2006- ओडिशा में बच्चा बिक्री, बिन ब्याही मांओं की स्पेशल स्टोरी और कवरेज। इसके लिए ओडिशा के बालांगीर, जाजपुर, कालाहांडी, नुआपाड़ा समेत कई जिलों में एक महीने से अधिक समय तक रहकर जनमत टीवी के लिए स्पेशल और एक्सक्लूसिव कवरेज
2007- सोनीपत में खूबरू स्कूल बस हादसे की स्पेशल कवरेज, जिसमें स्कूली बच्चों से भरी बस नहर में जा गिरी थी। उस क्षेत्र में पहुंचने वाले पहले रिपोर्टर
2008 से 2025- नई दिल्ली से बिहार तक लोकसभा और विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।
पुरस्कार:
2006 में जनमत टीवी में Reporter Of The Year का पुरस्कार
2007 में निठारी की कवरेज के लिए समाजसेवी संस्था से संवेदनशील रिपोर्टर का पुरस्कार
2011 और 2012 में आईबीएन 7 (News18 India) में बेस्ट प्रोड्यूसर का खिताब
2014 में ईटीवी बिहार (News18 बिहार) में उत्कृष्ट न्यूज एडिटर का पुरस्कार
2024 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सितंबर 2025 में Over Achiever of The Month का पुरस्कार
2026 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष सीनियर IAS आनंद किशोर से मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) में अपनी असाधारण कवरेज के लिए सम्मानित
ऋषिकेश नारायण सिंह के द्वारा लिए गए खास इंटरव्यू:
2006 में राजस्थान के कांग्रेस नेता राम नारायण चौधरी का इंटरव्यू
तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के सदन में कड़े प्रतिद्वंदी कांग्रेस नेता रामनारायण चौधरी (अब दिवंगत) का आधे घंटे का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू जयपुर में किया।
बूटा सिंह का इंटरव्यू
2006 में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व राज्यपाल बूटा सिंह का इंटरव्यू किया। जिसमें बिहार विधानसभा भंग करने पर कोर्ट के उनके फैसले के खिलाफ जजमेंट पर बेबाक सवाल पूछे।
2008 से 20025 तक कई राजनीति हस्तियों का इंटरव्यू
ऋषिकेश नारायण सिंह ने इन 17 साल के दौरान कांग्रेस नेता नजमा हेपतुल्ला, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, बिहार में खेल विभाग की मंत्री और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह के दो इंटरव्यू, RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा, HAM के तत्कालीन अध्यक्ष जीतन राम मांझी, JDU के बागी और परबत्ता के पूर्व विधायक डॉक्टर संजीव कुमार समेत कई और बड़ी हस्तियों के इंटरव्यू लिए।... और पढ़ें
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