Хинди Политика
06.07.2026 Читать источник
Приянка Чатурведи начала преподавать в университете, опровергнув слухи о выходе из политики
Бывший сенатор Приянка Чатурведи объявила о начале преподавательской деятельности в Университете О.П. Джайн, отметив, что не уходит из политики, а лишь меняет формат работы. Она также займет руководящую позицию в исследовательском фонде и анонсировала выход новой книги.
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Priyanka Chaturvedi Academic Leadership : प्रियंका चतुर्वेदी के रिटायरमेंट की खबरें आ रही हैं। ऐसा तब हुआ, जब उन्होंने खुद ऐलान किया कि उन्होंने ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे नए सफर की शुरुआत बताया। हालांकि उनके सियासत से संन्यास लेने पर उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब दिया है।
मुंबई : प्रियंका चतुर्वेदी के राज्यसभा से रिटायर होने के बाद उन्होंने नए चरण की शुरुआत की है। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के एक नए चरण का ऐलान किया कि वह सक्रिय राजनीति से आगे बढ़कर शिक्षा और नीति (पॉलिसी) के क्षेत्र में अपने काम का विस्तार करेंगी। हालांकि उनके इस ऐलान के बाद तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कहा जा रहा है कि प्रियंका चतुर्वेदी ने राजनीति से संन्यास ले लिया। सोशल मीडिया पर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। किसी ने कहा कि अब राजनीति में प्रियंका चतुर्वेदी को कोई पूछ नहीं रहा इसलिए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा है। हालांकि प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा है कि उन्होंने राजनीति से संन्यास नहीं लिया है।
एक यूजर ने लिखा कि प्रियंका चतुर्वेदी ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। उन्होंने कहा देशसेवा के लिए राजनीति ही रास्ता नहीं है। राज्यसभा से मुक्त हो कर जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया है। संसद में इनकी कमी खलेगी। कोई दल इन्हे बुला नहीं रहा या किसी दल में ये जाना नहीं चाहती ये तो प्रियंका जी जाने!
प्रियंका चतुर्वेदी का पलटवार
प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा, 'राजनीति से संन्यास?!! सपनें में ! 20 साल की मेहनत और अपनी बलबूते पर बनाई जगह से रिटायरमेंट तो दूर की बात है, राजनीति में लड़ाई जारी रहेगी। पार्लियामेंट में बने रहने की होड़ जो आज कल का फ्लेवर है उस के विपरीत अपनी जगह भारत के विकास में बरकरार रखनें में मेरी कोशिश है। और हां उन सभी लोगों के मुंह पर थप्पड़ है जो लगातार सिर्फ गंध मचा रहे थे मेरे बारे में।'
ऐसे शुरू हुई प्रियंका चतुर्वेदी के संन्यास की चर्चा
प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू कर दिया है और आने वाले सेमेस्टर में भी पढ़ाना जारी रखेंगी। साथ ही, वे ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के 'वीमेन-लेड फ्यूचर्स' (महिलाओं के नेतृत्व वाला भविष्य) वर्टिकल में नेतृत्व की भूमिका भी निभाएंगी। अपने दो दशक लंबे राजनीतिक करियर पर विचार करते हुए, उन्होंने एक आने वाली किताब का भी संकेत दिया और भारत में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और संस्थागत सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राजनीति में अपने जीवन के दो दशक से अधिक समय समर्पित करने के बाद, और राजनीतिक माहौल को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने की लड़ाई जारी रखते हुए, मैंने यह भी तय किया है कि देश के लिए योगदान करने का तरीका सिर्फ़ राजनीति ही नहीं है, बल्कि अपने अनुभवों का लाभ उठाकर और भारत के भविष्य को संवारने वाली अगली पीढ़ी के लिए अपना समय देकर भी योगदान दिया जा सकता है। इस स्प्रिंग सेमेस्टर में, मैंने जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया। मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे सीखने के लिए उत्सुक युवा दिमागों से भरी क्लास मिली, जिनके साथ मैंने यह नया सफर शुरू किया। मुझे खुशी है कि मैं फॉल सेमेस्टर के लिए भी वापस आ रही हूं।
शशि थरूर का जिक्र
शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा कि ORF एशियन फोरम ऑन ग्लोबल गवर्नेंस (AFGG) की पूर्व छात्रा होने के नाते - जहां मुझे इंटरनेशनल अफेयर्स और पॉलिसी के बारे में सबसे अच्छे लोगों से सीखने का मौका मिला, जैसे डॉ. शशि थरूर, जो उस प्रोग्राम के डीन थे - मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब मैं ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) में उनके 'वीमेन लेड फ्यूचर्स' वर्टिकल की कमान संभालूंगी, जो भारत के G20 विजन 'वीमेन-लेड डेवलपमेंट' पर आधारित है। समीर सरन, आपके भरोसे और हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद। हां, एक किताब भी आने वाली है और मैं यूट्यूबर तो हूं ही। P.S. आजकल अटकलें लगाना आम बात हो गई है, इसलिए मैं अपनी जिंदगी के फैसलों में मीडिया की दिलचस्पी पर विराम लगाना चाहती हूं। उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता, क्योंकि आजकल वे राजनीति में सबसे अजीब मोड़ देखने के आदी हो गए हैं।
लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।
देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना
पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत
शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।
शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।
पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।
शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
- सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
- कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
- कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
- लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
- केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
- महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
- मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।... और पढ़ें
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